अमेरिकी अधिकारी सारा रोजर्स ने भारत यात्रा पर क्यों की खुलकर तारीफ

अमेरिका की अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट सारा बी. रोजर्स ने अपनी भारत यात्रा को बेहद खास और यादगार बताया है। उन्होंने कहा कि यह उनकी पहली भारत यात्रा थी और इस दौरान उन्हें देश की संस्कृति, तकनीकी क्षमता और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से समझने का अवसर मिला। सारा रोजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का सहयोग इस यात्रा को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। उन्होंने भारत की विविधता और विकास को एक साथ देखने को प्रेरणादायक बताया।
ताजमहल और भारतीय युवाओं की प्रतिभा से प्रभावित
सारा रोजर्स ने भारत के ऐतिहासिक स्मारक ताजमहल की जमकर सराहना की और कहा कि इसकी वास्तविक सुंदरता को समझने के लिए इसे खुद देखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ताजमहल केवल एक इमारत नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इसके साथ ही उन्होंने IIT दिल्ली के छात्रों की प्रतिभा और ऊर्जा की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी तेजी से आगे बढ़ रही है और तकनीक के क्षेत्र में नया इतिहास लिख रही है।

IIT दिल्ली में सहयोग और अनुसंधान पर चर्चा
29 मई को सारा रोजर्स और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने IIT दिल्ली का दौरा किया था जहां उन्होंने छात्रों, शोधकर्ताओं और फैकल्टी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच शिक्षा, शोध और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। IIT दिल्ली ने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने कई शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस अवसर पर ‘रिसर्च एंड इनोवेशन में साझेदारी’ विषय पर विशेष व्याख्यान भी आयोजित किया गया जो अमेरिका-भारत TRUST पहल का हिस्सा था।
भारत-अमेरिका साझेदारी को बताया मजबूत दिशा में आगे बढ़ता कदम
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि नई दिल्ली में हुई बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को और मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका शिक्षा, नवाचार, आर्थिक अवसरों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। सारा रोजर्स ने भी कहा कि यह यात्रा उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रही और वह भविष्य में भी भारत आने की इच्छा रखती हैं। दोनों देशों के बीच यह बढ़ता सहयोग आने वाले समय में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।